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जागरणसंवाददाता,पंचकूला:वर्तमानसिनेमाजगतमेंसैन्यकर्मियोंऔरपुलिसजवानोंकेसाहसकोप्रदर्शितकरतीफिल्मेंबनानेकीकाफीआवश्यकताहैं।येफिल्मेंनकेवलयुवाओंमेंजोशप्रसारितकरतीहैंबल्किसैन्यजीवनऔरउनकेजज्बातोंकोभीबयांकरतीहैं।यहबातशनिवारकोभारततिब्बतसीमापुलिसकेभानूट्रेनिंगसेंटरकेडीआइजीराजेशकुमारनेबीनूराजपूतद्वारानिर्देशितलघुफिल्म(डॉक्यूमेंट्री)'वॉलऑफवेलर-एट्रिब्यूटटूमार्टर्स'केप्रदर्शनकेदौरानकही।देशकेकोनेकोनेमेंस्क्रीनकीजाचुकीइसफिल्मकोआइटीबीपीजवानों,अधिकारियोंऔरउनकेपरिवारजनोंकेसमक्षस्पेशलस्क्रीनिंगकेअंतर्गतदिखायागया।बीनूइससेपूर्वजानीमानीनृत्यागनाशोभनानारायणकेजीवनपरआधारितफिल्म'बोर्नटूडास'बनाचुकीहैजबकिउनकीहिंदीभाषापरआधारित'मैंहिंदीहूं'औरगालिबकीबनारसयात्रापरआधारित'काबा-ए-हिन्दुस्तान'कीडॉक्यूमेंट्रीनिर्माणाधीनहैजोकिजल्दस्क्रीनहोगी।यहफिल्मसीआरपीएफऔरस्टेटपुलिसकेशहीदजवानोंकीशौर्यगाथापरआधारितहै।राज्यपुलिसमेंकरीबबीसलाखजबकिसीआरपीएफमेंदसलाखजवानहैं।इन्हींमेंसे36000सपूतदेशखोचुकाहै।फिल्ममुख्यत:दोशहीदोंजिसमेंयमुनानगरके59बीएसएफबटालियनकेशौर्यचक्रविजेतारॉकीजोकिमात्र23सालकीउम्रमेंआतंकीहमलेमेंशहीदहुएऔरदूसरेहीरोजेएंडकेपुलिसके30वर्षीयसबइंस्पेक्टरअल्ताफअहमददारहैंजिन्होंनेदेशकेलिएजानदीहै।

By Fuller