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नईदिल्ली.कर्नाटकविधानसभाचुनावकेअबज्यादादिननहींरहगएहैं.राजनीतिकदलअपने-अपनेतरीकोंसेवोटरोंकोलुभानेकीकोशिशकररहेहैं.लेकिनइसीबीचराज्यकेकिसानोंनेचुनावकाबहिष्कारकरनेकीचेतावनीदेदीहै.किसानोंनेमहादयीनदीजलविवादकोलेकरदिल्लीमेंतीनदिनोंकाविरोध-प्रदर्शनकरनेकीयोजनाबनाईहै.देशकीराजधानीमें25अप्रैलसेशुरूहोनेवालेअपनेतीनदिवसीयप्रदर्शनकेदौरानकर्नाटककेकिसानराष्ट्रपतिसेइच्छामृत्युकाअधिकारदेनेकीमांगकरेंगे.किसानोंकाकहनाहैकिहरराजनीतिकदलउनकेमुद्दोंकोलेकरलड़ाईकरनेकीबातकरतेहैं.लेकिनकिसानोंकीमजबूरीकाफायदाउठानेकेबादउनकेमुद्दोंसेमुंहमोड़लेतेहैं.लेकिनअबऐसानहींहोगा.कर्नाटकके700सेज्यादाकिसानोंनेराजनीतिकदलोंकेइसीरवैयेकेविरोधमेंअगलेमहीनेहोनेवालेविधानसभाचुनावकाबहिष्कारकरनेकीघोषणाकीहै.

क्याहैमहादयीजलविवाद

पश्चिमीघाटसेनिकलनेवालीमहादयीनदीकेजलबंटवारेकोलेकरकर्नाटकऔरगोवाकेबीचलंबेअर्सेसेविवादचलरहाहै.यहनदीकर्नाटककेदक्षिणीजिलेबेलगावीकेभीमगढ़सेनिकलकरगोवाकीराजधानीपणजीकेनिकटअरबसागरमेंमिलजातीहै.इसकादोतिहाईसेज्यादाहिस्सागोवामेंहै.इसनदीकेजलबंटवारेकोलेकरदोनोंराज्योंकेबीच80केदशकसेहीविवादचलरहाहै.गोवाइसनदीपरकर्नाटकद्वाराबांधऔरनहरबनानेकाविरोधकरतारहाहै.गोवाकाकहनाहैकिकर्नाटकसरकारमहादयीनदीपरबांधबनाकरइसकापानी7.56टीएमसीपानीमालाप्रभाबेसिनमेंजमाकरनाचाहतीहै.गोवासरकारइसपरियोजनाकेखिलाफहै.उसकातर्कहैकिइसपरियोजनासेनसिर्फपर्यावरणकोनुकसानहोगा,बल्किगोवाकोभीनुकसानझेलनाहोगा.

नदीजलबंटवारेपरहुआथाराज्यव्यापीबंद

महदयीनदीकेजलबंटवारेपरविवादकोलेकरपिछलेदिनोंकर्नाटकमेंएकदिनकाराज्यव्यापीबंदभीबुलायागयाथा.इसबंदकाआह्वानमहादयीकलसबांदुरीनालाहोराटासमन्वयसमितिनेकियाथा.बंदसेलाखोंलोगप्रभावितहुएथेऔरजगह-जगहप्रशासनिकव्यवस्थाचरमरागईथी.बंदकाज्यादातरअसरउत्तरीकर्नाटककेजिलोंमेंदेखागयाथा.येजिलेउसीमालाप्रभाबेसिनकेतहतआतेहैं,जहांकर्नाटकसरकारमहादयीनदीकापानीलानाचाहतीहै.प्रदेशकेहासनजिलेमेंबंदकेदौरानप्रदर्शनकारियोंनेराष्ट्रीयराजमार्गपरआवागमनकोबाधितकरदियाथा.बंदकेकारणयातायातव्यवस्थाभीठपहोगईथी.कर्नाटकराज्यपरिवहनसेवाकीहजारोंबसेबंदकेकारणअपनेरूटपरनहींचलपाईथीं.इसकेअलावाबंदसमर्थकप्रदर्शनकारियोंनेराज्यमेंकईजगहोंपररेलसेवामेंभीअवरोधपैदाकरनेकीकोशिशकीथी.

12मईकोहोनाहैविधानसभाकाचुनाव

कर्नाटकमेंअगलेमहीने12मईकोविधानसभाकाचुनावहोनाहै.इसकेतीनदिनबाद15मईकोचुनावकेनतीजेआएंगे.बतादेंकिकर्नाटकमेंवर्ष2013सेलेकर2017केबीचदेशमेंसबसेज्यादाकिसानोंकीआत्महत्याकेमामलेसामनेआएथे.इन5वर्षोंकेदौरानराज्यमेंसाढ़े3हजारसेज्यादाकिसानोंनेआत्महत्याकरलीथी.बैंककर्जऔरघटतेकृषिउपजसेपरेशानकिसानोंकीसमस्याकोलेकरबादमेंराज्यसरकारनेबैंकोंकोसख्तनिर्देशदिएथेकिवहकिसानोंपरकर्जलौटानेकेलिएदबावनहींडाले.विधानसभाचुनावकेदौरानभीकर्नाटकमेंकिसानोंकीसमस्याबड़ेमुद्देकेरूपमेंसामनेआरहीहै.

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