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कोलकाता,विशालश्रेष्ठ। मतदाताओंकोलुभानेकेलिएइनदिनोंप्रत्याशीक्या-क्यानहींकररहे।लोगोंकेदरपरपहुंचरहेहैं।उनसेहाथमिलारहेहैं।गलेलगारहेहैं।बच्चोंकोपुचकाररहेहैं।उनकेगालोंकोचूमरहेहैं।कुछप्रत्याशियोंकेहावभाववगतिविधियांदेखकरऐसालगरहाहै,मानोंवर्षोंकेबिछड़ेकिसीअपनेसेमिलेहों।इनप्रत्याशियोंकोइसबातकाध्यानहीनहींकिकोरोनाअभीगयानहींहैबल्किदेशमेंउसकीदूसरीलहरआनेकीआशंकाहै।

चुनावआयोगकेबार-बारसावधानकरनेपरभीवेबाजनहींआरहे।अबआयोगनेकड़वीदवादीहै।साफबोलदियाहैकिचुनावप्रचारकीजिएमगरकोरोनाकोभूलिएमत!कोरोनासेसंबंधितनियमोंकोनहींमानेतोइसकाखामियाजाभीभुगतनेकोतैयाररहिए-दोसालतककीजेलऔरउसकेसाथमोटाजुर्मानाभी।

उम्मीदहैकिचुनावआयोगकीइसकड़ीचेतावनीकेबादइनअतिमतदाताप्रेमियोंकोथोड़ीअकलआए।वैसेइसमेंउनकीअपनीभीभलाईहै,इससमयकोरोनासंक्रमितहोकरघरयाअस्पतालमेंबैठगएतोफिरठपपड़जाएगाचुनावप्रचार।कहींइससेविरोधीदलोंकेप्रत्याशियोंकीचांदीनहोजाए।