गांव

शिमला, रमेशसिंगटा। हिमाचलमेंवनभूमिपरकानूनका नहीं,रसूखदारोंकाराजचलताहै। यहकहानीअकेलेरोहड़ूवजुब्बलकोटखाई केचैथलाकीनहींहैबल्कि राज्यमेंखासकरसेबबहुलक्षेत्रोंमें प्रभावशालीलोगबड़ेपैमानेपरसरकारी भूमिदबाएबैठेहैं।इनलोगोंनेदशकों पहलेकब्जेकिएलेकिनभारीभरकम सरकारीअमलेनेतबआंखेंमूंदेरखीं।

अबहाइकोर्टकेनिर्देशपरकब्जेहटाने केलिएवनविभागकोखासीमशक्कत करनीपड़रहीहै। कईवर्षोंसेकोर्टइनकेसोंकी निगरानीकररहाहै।इसकेबावजूद कब्जेहटानेकीरफ्तारज्यादातेजनहीं होपाईहै।प्रदेशमेंअबकहींभीऐसे कब्जेपुलिससुरक्षामेंहीहटाएजाएंगे।

कसौलीगोलीकांडकेबादअधिकारियों वकर्मचारियोंकेभीहोशफाख्ताहो चलेहैं।वेअपनीजानकोकिसीभी सूरतमेंखतरेमेंनहींडालनाचाहतेहैं। हाईकोर्टनेपिछलीसुनवाईमें25अप्रैल कोरोहड़ूकेलिएएसआइटीगठितकी थी।इसमेंराजस्व,वनऔरपुलिस विभागकेअधिकारीऔरकर्मचारी शामिलकिएगएहैं।एसआइटीने जुब्बलक्षेत्रमेंकार्रवाईशुरूकरदीहै। अबतकसैकड़ोंबीघाजमीनसेसेबके पौधोंपरआरीचलादीगईहै। 13

मामलोंमें3600बीघा जमीनकब्जाई

रोहड़ूवनमंडलमें हीकेवल13मामलोंमें3600बीघा वनभूमिकब्जाईगईहै।येसभीबड़े औरप्रभावशालीलोगहैं।कोईभी100 बीघेसेकमकब्जाधारीनहींहैऔरउन परआजतककोईकार्रवाईनहींहुईहै। बतातेहैंकिइनलोगोंकीसरकारोंसे लेकरप्रशासनिकअधिकारियोंतकनहीं पहुंचहैलेकिनकोर्टकेसख्तरवैयेके कारणसभीकब्जेहटाएजाएंगे।

क्याहैचैथलाकीचुनौती

चैथलामेंप्रभावशालीलोगोंनेपूरीधारपरहीकब्जाकररखाहै। वहां57मामलोंकाराजस्वविभागकेपासऔरपांचमामलोंका वनविभागकेसक्षम  अधिकारियों केपासचालानकियागयाहै। कोर्टमेंसबसेपहलेरोहड़ूऔरफिरचैथलाकेहीलोगोंनेकब्जे हटानेकेलिएहाईकोर्टकादरवाजाखटखटायाथा।इनक्षेत्रोंमें कब्जाधारियोंनेपर्यावरणकोउजाड़कररखदियाहै।आरोपहै किपहलेदेवदारकाजंगलसाफकियाऔरफिरइनमेंसेबके पौधेलगाए।पौधोंकीआमदनीसेयेलोगकरोड़पतिबनगए।

जारीरहेगीमुहिम

हाईकोर्टकेआदेशोंकाहरहालमेंपालन होगा।सरकारनेआला अधिकारियोंकोभी फील्डमेंजानेकेनिर्देश

दिएहैं।कंजरवेटरसे लेकरएपीसीसीएफ रैंकतककेअधिकारी कब्जोंकेमामलोंकी निगरानीकररहेहैं।हालहीमेंसैकड़ोंबीघाजमीन खालीभीकरवाईगईहैऔरयहमुहिमजारीरहेगी।

तरुणकपूर,अतिरिक्तमुख्यसचिव(वन)

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